पांगी घाटी , जिला चम्बा , हिमाचल - एक स्केच-बुक।
दो बरस पहले लगभग ऐसे ही दिनों में हिमाचल के दूरस्थ इलाके की पांगी घाटी में गया था। घाटी साल में छह से सात माह बर्फ से ढंकी रहती है। चम्बा से यहाँ तक पहुचने वाला "साँच पास " महज चार -पांच महीनो के लिए ही खुल पाता है , स्वाभाविक ही घाटी का संपर्क जिला मुख्यालय से कटा रहता हैं। मेरे मित्र डॉ. ओमप्रकाश भुरेता का साथ मिला और उन्ही का सौजन्य कि मैं हिमालय की वादियों में कुछ भीतरी इलाकों में घूम सका। अभी पिछले ही दिनों उन्होंने फिर वहां चलने को न्योता था , अस्त-व्यस्तता कुछ ऐसी रही की सम्भव न हुआ। बहरहाल उस पुरानी यात्रा के कुछ स्केचेस
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दो बरस पहले लगभग ऐसे ही दिनों में हिमाचल के दूरस्थ इलाके की पांगी घाटी में गया था। घाटी साल में छह से सात माह बर्फ से ढंकी रहती है। चम्बा से यहाँ तक पहुचने वाला "साँच पास " महज चार -पांच महीनो के लिए ही खुल पाता है , स्वाभाविक ही घाटी का संपर्क जिला मुख्यालय से कटा रहता हैं। मेरे मित्र डॉ. ओमप्रकाश भुरेता का साथ मिला और उन्ही का सौजन्य कि मैं हिमालय की वादियों में कुछ भीतरी इलाकों में घूम सका। अभी पिछले ही दिनों उन्होंने फिर वहां चलने को न्योता था , अस्त-व्यस्तता कुछ ऐसी रही की सम्भव न हुआ। बहरहाल उस पुरानी यात्रा के कुछ स्केचेस
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दिलकश फिर भी सादा और सहज
ReplyDeleteइस तरह के स्केचेज की ख़ास बात यह होती है कि वे दिखने में इतने सरल लगते हैं कि लगता है कि अरे यार ये तो अपन भी बना सकते हैं...मगर ऐसा हो नहीं पाता. सरल होना सच मे बहुत मुश्किल है मनोज सर .
इस तरह की साझेदारियां करते रहिये- बुजुर्गो का कहना है कि साझेदारियों से बरक्कत बढती है.